सिक्के को फ़ैसला करने दें
दो विकल्प हैं और चुन नहीं पा रहे? एक को चित और दूसरे को पट मानें, बटन दबाएँ और फ़ैसला हो जाएगा। अब बार-बार सोचने की ज़रूरत नहीं।
इसे सही ढंग से इस्तेमाल करने की तरकीब
ध्यान दें कि सिक्का हवा में उछलते समय आपको कैसा लगता है। अगर आप ख़ुद को किसी एक तरफ़ के आने की उम्मीद करते हुए पाते हैं, तो आप पहले से जानते हैं कि क्या चाहते हैं। सिक्का जो भी दिखाए, उसने अपना काम कर दिया।
सिक्का कब उछालें
- कौन शुरू करेगा: मैच या बोर्ड गेम शुरू करने का पारंपरिक तरीका।
- छोटे-मोटे फ़ैसले: पिज़्ज़ा या पास्ता, घर पर रहें या बाहर जाएँ, यह फ़िल्म या वह फ़िल्म।
- निष्पक्ष बहसें: बर्तन कौन धोएगा या आगे वाली सीट किसे मिलेगी।
- दोस्ताना शर्तें: सिक्का ज़मीन पर गिरने से पहले अपना अनुमान बताएँ।
क्या यह निष्पक्ष है?
नतीजा आपके ब्राउज़र के यादृच्छिक संख्या जनरेटर से आता है, इसलिए हर बार सिक्का उछालने पर दोनों तरफ़ आने की संभावना बराबर होती है। पिछला नतीजा अगले नतीजे को प्रभावित नहीं करता: लगातार पाँच बार चित आने के बाद भी पट आने की संभावना 50 : 50 ही रहती है। नीचे दिया गया आँकड़ा दिखाता है कि समय के साथ परिणाम कैसे बराबर होने लगते हैं।
तीन में से सर्वश्रेष्ठ
जवाब पसंद नहीं आया? इससे भी आपको कुछ पता चलता है। अगर फिर से कोशिश करना चाहते हैं, तो सिक्का उछालते रहें और इतिहास में पिछले नतीजे देखें।
